Vijay Pandey

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लेखनी प्रतियोगिता कहानी -21-May-2022

वशीकरण  ;- किसी को वश में कर लेना या अपने हिसाब से चलाना। 

वशीकरण आमतौर पर स्त्री- पुरुष अथवा लड़का-लड़की को वश में करने के लिए किया जाता है अर्थात किसी की बुद्धि को बांध लेना या अपने वश में कर लेना। वह व्यक्ति अपनी बुद्धि का प्रयोग नहीं कर पाता है। वह व्यक्ति जिसके द्वारा  उसे वश में किया जाता है,  वह उसी की बुद्धि के हिसाब से हर कार्य करता है।


जिसका किसी का वशीकरण किया जाता है वह कुछ  आपने दिमाग से सोच नहीं पाता वह केवल उसके इशारों पर काम करता है जिसने उसे वश में किया है  l उसे यह भी नहीं पता होता कि वह जो कार्य कर रहा है सही है या गलत है।

 वह व्यक्ति समाज और परिवार की  मान -मर्यादा त्याग करके उसके अनुसार  गलत कार्य करने लगता है, जो भी किसी को  वश में करता है, उसका उद्देश्य गलत काम का नहीं होता है।


इन बातों में कितनी सच्चाई है मुझे नहीं मालूम🤔 पर हां यह बातें मैंने अक्सर गांव में सुनी है।जब  लड़का-लड़की या स्त्री- पुरुष जो भी एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की बात बिना सोचे-समझे मानने लगता है या उसके कहने के अनुसार चलने लगता है तो लोग यह बातें जरूर कहने लगते हैं कि वह पुरुष ने उस स्त्री को अपने वश में कर रखा है। उसका उल्टा कोई भी स्त्री ने पुरुष को या किसी लड़की ने लड़के को अपने वश में कर रखा है उसे लोग  वशीकरण कहते हैं।


ऐसे ही एक किस्सा मेरे कॉलोनी में देख रहा हूँ l  मेरे सामने वाली बिल्डिंग के फ्लैट में  एक छोटा सा परिवार रहता है  जिसमे पति-पत्नी और दो बच्चे है l  पति पत्नी दोनों ही जॉब करते हैं।

पत्नी बहुत पढ़ी-लिखी है वह अपने पति से भी ज्यादा पढ़ी लिखी है और अच्छी ऑनलाइन जॉब करती है। उसका जॉब  UAS कि कम्पनी में  है इसलिए उसका कार्य प्रणाली का समय  शाम 4बजे से रात्रि तक  होता है क्युकि वहाँ दिन और यहाँ भारत में रात होती है l ऑनलाइन जॉब जिसमें उसे लैपटॉप लेकर रात भर काम करना होता है l रात भर कार्य करके वह सुबह 4बजे तक काम करके वह  केवल 2 घंटे सोने के बाद सुबह 6बजे घूमके  आने कर  घर के रोजमर्रा के कामों में लग जाती है। उसके बाद अगर वह फ्री हुई तो 11 बजे एक-दो घंटे थोड़ा सो लेती है  l उसके ना कोई दोस्त है न हीं ऐसे रिश्तेदार जिससे वह अपनी मन की बातें कर सके। वह मोबाइल भी कम चलाती है क्योंकि कोई सोशल मीडिया में भी उसका फ्रेंड ऐसा नहीं जिससे वह बात करती हो l उसका मन बहुत कुछ करने का होता है परंतु उसे  घर से कहीं अकेले  बाहर जाने की इजाजत नहीं है। शहर से बाहर तो बिल्कुल भी नहीं (पति के बिना )चाहे वो रिश्तेदार ही क्यों ना हो और पति भी कहीं भी बाहर जाने को तैयार नहीं होते तो वो भी एक बार मना करने पर उन्हें कभी दुबारा नहीं कहती l उसे बस मथुरा जाने का मन है क्युकि वो श्री राधा कृष्ण कि भक्त है । उनके पति अपने अलग कारण बता के मना कर देते है । मुझे तो लगता है उसके पति ने उसे अपने वश  में कर रखा है शायद  वह वशीकरण जनता है l 

वह अपने पति की भी कभी बुराई नहीं करती,जो काम उनके पति को पसंद  नहीं होता वह काम तो बिल्कुल नहीं करती और  कोई काम करती भी है तो जब उसे लगता है कि  वो उसके पति को पसंद नहीं तो वह  उस काम को करना छोड़ देती है भले वह काम करना  उसको कितना भी पसंद हो l शायद इसी को वशीकरण कहते हैं। हर बात पर वह अपने आप को कम आंकती( कमजोर समझना ) है। वह हर चीजों से दूर रहती है। कुछ नया करने को कहो तो सीधे कह देती है मुझे  ऐसा करना अच्छा नहीं लगता या मुझे नहीं आता । कोई छोटी-मोटी नहीं बहुत बड़ी पोस्ट पर काम करती है फिर भी वह नहीं जानती कि उसकी सैलरी कब आती है जबकि उसकी सैलेरी 50000 है l

वह अपने आप को सबसे छोटा समझती है, खुद को नासमझ, उल्लू, बेवकूफ पता नहीं क्या-क्या कहती रहती है l आप मानोगे नहीं मैंने भी नहीं माना था जब मैंने सुना था कि उसने आज तक कभी बैंक से पैसे नहीं निकाले ना ही एटीएम का प्रयोग किया है  l उसे क्या  खरीदना है  है   या नहीं खरीदना, क्या करना नहीं करना ये सब उसके पति के द्वारा तय होता है जिसका करना भी वो ही है क्युकि उसे लगता है कि मुझसे से बेहतर वो ही जानते है कहीं कोई गलत ना हो जाये l


 क्या सच में ऐसी लड़कियां या  ऐसी स्त्रियां होती है जो इतना ज्यादा सम्बन्धो और भावनाओ से  बंधी हुई जो सिर्फ  परिवार की खुशियों के बारे में  ही सोचती है, खुद के बारे में कुछ नहीं सोचती जबकि वह तो बहुत पढ़ी लिखी हैl 


ऐसा हाल तो अनपढ़ स्त्रियों का भी नहीं है। मुझे तो लगता है यह पक्का ही वशीकरण का काम है शायद उसके पति ने उसे वश में कर रखा है। परिवार के आगे वह कुछ नहीं सोच पाती ना कुछ कर पाती है। हर  खुशियां परिवार के लिए और केवल परिवार और  पति बाल-बच्चे। इसके आगे आज तक वह कभी अकेले गई नहीं।


 ना कोई ऐसी बहन, ना ऐसी कोई सहेली दोस्त, कॉलेज फ्रेंड यह दुनिया में सबको कोई ना कोई होता है। ऐसा कैसे हो सकता है किसी को कोई ना हो तो उसके पास पड़ोसन जरूर होती है। जिससे वो चुगली कर सके या कुछ कह सके l इनका तो कुछ भी नहीं। किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती खुद में रहती है। जब भी किसी से बातचीत होती है तो  वह उतना ही बोलती है जितना उनसे पूछा जाता हैं मतलब जितना प्रश्न  उतना जवाब बस इसके आगे हंसते मुस्कुराते आगे बढ़ जाती है। समझ‌ नहीं आता, ये देवी है या वशीकरण का असर। इतने अच्छे  व्यक्तिव  का इंसान मैंने ना देख ना सुना और जो सुना वो  "वशीकरण " की शक्ति का नजीता ही लगा।

ये मेरा भ्रम हैं या कोई सच में ऐसी शक्ति होती हैं पता नहीं l

ये भी हो सकता हैं की सीधे सरल लोग इतने सहज होते होंगे जो मैंने कहीं नहीं देखा होगा।


मेरी दादी ने ये बातें सही बताई थी पर वैज्ञानिक रूप से ये मान्य नहीं हैं।

# शार्ट स्टोरी चैनेज #

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9 Comments

shweta soni

23-Jul-2022 11:16 AM

Bahut achhi rachana

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Shrishti pandey

24-May-2022 10:49 AM

Nice

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Reyaan

20-May-2022 05:19 PM

👏👌

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